Friday, February 19, 2010

उसका दर्द !!

आँखों में आंसू, लब पे हंसी है कोई,
"साबिर" हर गम में भी ख़ुशी है कोई !

इक अंजना सा दर्द है उसकी आँखों में,
हँसते चेहरे में छुपी उदासी है कोई !

वो खुश नहीं हैं मुझे इनकार करके भी,
मिलने की चाहत में रूह प्यासी है कोई !

मेरी किस्मत में है परस्तिश(१) उसकी,
मुहब्बत से बेहतर भी बंदगी है कोई !!

१ परस्तिश = पूजा

7 comments:

  1. वो खुश नहीं हैं मुझे इनकार करके भी,
    मिलने की चाहत में रूह प्यासी है कोई !

    kya baat hai... meri taraf se main kahoonga:

    कदम बढ़ा के फिर रोक लेना;
    उसकी हर सांस में बेबसी है कोई!

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  2. मेरी किस्मत में है परस्तिश(१) उसकी,
    मुहब्बत से बेहतर भी बंदगी है कोई !!

    awesome...

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  3. ji zarranawazi ka bahut shukriya :)

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