Friday, April 9, 2010

वो फ़रिश्ता !!!

अपनी मजबूरियों का जब सबब कहा उसने,
मेरी गुस्ताखियों को भी अदब कहा उसने !

वक़्त लगा उसे मेरे जज़्बात को समझने में,
मगर मेरे अंदाज़-ए-बयान को गज़ब कहा उसने !

माफ़ करके तमाम गुनाहों को मेरे,
अपनी इनायतों को सितम कहा उसने !

6 comments:

  1. the beloved and the lover realizing and aknowledging each other's situation..

    wonderful !!

    ReplyDelete
  2. oye hoye....... sahiiii...
    bahut khoob...

    ReplyDelete
  3. shandar kaha hai dost, maja aa gaya.

    ReplyDelete