Sunday, January 24, 2010

इबादत

मेरा इरादा नहीं, कोई शिकायत करने का,
मगर हक है मुझे उसकी इबादत (१) करने का !

नामुमकिन है अब तो भुलाना उसे,
ज़ज्बा नहीं खुद से बगावत(२) करने का !

हाल-ए-दिल सुनाने में किया उसका लिहाज़,
क्या फायदा ऐसी किफायत(३) करने का !

वो वक़्त लगाती है मुझे इनकार करने में,
बहुत शुक्रिया मुझपे इनायत(४) करने का !

कोई तजुर्बा ना था यूँ तो दिल लगाने का,
एक इरादा था बस शहादत(५) करने का !

"साबिर" जबरन ही बना दिया इश्क का माहौल,
अंदाज़ जुदा खुद से अदावत(६) करने का !!


१. इबादत = पूजा २. बगावत = विद्रोह ३. किफायत = कम खर्च करना
४. इनायत = कृपा, रहम ५. शहादत = क़ुरबानी, बलिदान ६. अदावत = दुश्मनी

4 comments:

  1. वो वक़्त लगाती है मुझे इनकार करने में,
    बहुत शुक्रिया मुझपे इनायत(४) करने का !

    Just awesome...great thought....

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  2. now you're writing !!!! bahot badhiya !!

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